रिपोर्टर मधुसूदन कुमावत कपासन न्यूज/ कपासन। भाजपा की तथाकथित “डबल इंजन सरकार” अब शासन नहीं, षड्यंत्र चला रही है। पहले SIR के नाम पर वोटर लिस्ट से भाजपा विरोधी मतदाताओं को चुन-चुनकर बाहर किया गया और अब गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व के आमंत्रण पत्रों से विपक्ष को मिटाने की बेशर्म कोशिश की जा रही है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन शर्मा ने तीखे और तल्ख शब्दों में कहा कि कपासन नगर पालिका द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के कार्ड से नेता प्रतिपक्ष पार्षद कन्या देवी सोनी का नाम जानबूझकर हटाया जाना एक सुनियोजित राजनीतिक अपराध है। यह न भूल है, न लापरवाही—यह भाजपा की डरपोक, कुंठित और तानाशाही मानसिकता का नंगा प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि 25 में से 24 पार्षदों के नाम छाप देना और केवल नेता प्रतिपक्ष का नाम उड़ाना यह साबित करता है कि भाजपा अब लोकतंत्र से नहीं, बदले और नफरत से शासन चला रही है। जिस पार्टी को विपक्ष के एक नाम से भी एलर्जी हो गई हो, वह देश को कैसे चलाएगी—यह सवाल आज कपासन पूछ रहा है। पवन शर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा—“भाजपा को अब संविधान नहीं चाहिए, उसे सिर्फ़ कंट्रोल चाहिए। उसे वोटर चाहिए, पर सोचने वाला नागरिक नहीं। उसे गणतंत्र दिवस चाहिए, पर विपक्ष नहीं।” उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भाजपा या नगर पालिका की जागीर नहीं है, यह संविधान, समान अधिकार और लोकतांत्रिक सहमति का उत्सव है।
नेता प्रतिपक्ष का नाम हटाना दरअसल बाबा साहब अंबेडकर के संविधान, शहीदों के बलिदान और गणतंत्र की आत्मा पर हमला है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ शब्दों में चेतावनी दी— “भाजपा चाहे वोटर लिस्ट से नाम मिटाए, कार्ड से नाम हटाए या मंच से आवाज़ दबाए—लेकिन जनता के दिलों से कांग्रेस और लोकतंत्र को नहीं मिटा सकती।” उन्होंने कहा कि कपासन नगर पालिका अब प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीतिक नफरत की प्रयोगशाला बन चुकी है, जहाँ लोकतंत्र को रोज़ जहर दिया जा रहा है। नगर कांग्रेस की स्पष्ट मांग है— इस लोकतंत्र-विरोधी कृत्य के लिए नगर पालिका तुरंत सार्वजनिक माफी मांगे दोषी अधिकारियों और भाजपा के इशारे पर काम करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो भविष्य में राष्ट्रीय आयोजनों को राजनीतिक गंदगी से दूर रखा जाए अंत में पवन शर्मा ने कहा “भाजपा यह भ्रम न पाले कि लोकतंत्र को दबाकर सत्ता बची रहेगी। इतिहास गवाह है—तानाशाही हमेशा जनता के हाथों ढहती है।” कांग्रेस पार्टी इस लोकतंत्र-हत्या के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक और उग्र संघर्ष करेगी।













