रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता।
बांसखोह कस्बा स्थित चितोडी गांव में मोहनलाल मीणा जो की मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था लेकिन बीमारी के चलते हुए 22 मई को इनका निधन हो गया जबकि मोहनलाल के 3 छोटी छोटी बेटियां और बूढ़ी मां हैं पुत्र भी नही है सम्पूर्ण परिवार की सारी जिम्मेदारी अब पत्नी व बूढ़ी मां पर आ गयी थी,अभी इनके पास रोजी रोटी का कोई भी सहारा नही था,परिवार की स्थिति पहले से ही बहुत खराब थी, इनके जाने के बाद परिवार का भरण पोषण बहुत मुश्किल हो गया था,इसलिए चित्तौड़ी गांव के सभी युवा साथियों ने मिलकर एक मिशन चलाया जिस की स्व.मोहन लाल के परिवार को आवश्यकता थी इस मिशन में कुल राशि 163971 रूपए प्राप्त हुए। इस गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया था ! इस महंगाई के जमाने मे अब इनके परिवार का जीवन यापन करना मुश्किल हो गया था, इनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और अब ज्यादा कमजोर हो गयी थी, क्योंकि स्व मोहन लाल मीना कैसे भी करके परिवार चला रहा था अब परिवार के पास कोई आय का स्रोत भी नहीं था संगठन में बड़ी शक्ति होती है। संगठित परिवार , समाज , गाँव और संस्था कभी असफल नहीं होते मिशन संचालक छोटीलाल मीणा चित्तौड़ी ,प्रभुनारायण मीणा ,राकेश मीणा ,चित्तौड़ी,रामप्रसाद मीणा कोठीयाला,कानाराम मीणा चित्तौड़ी, रामकिशोर मीणा, रामवतार मीणा ,,सुरेश मीणा, चित्तौड़ी एव समस्त गांव व सभी समाज के युवा साथी चित्तौड़ी बांसखोह के द्वारा मिशन चलाकर राशि इकठ्ठी किए जिसमे से तीनो बच्चियों के सुकन्या योजना में 50+50+50हजार रूपए जमा करा दिए बाकी शेष राशि महिला को सुपुर्द कर दिए इस दौरान मिशन की टीम के सदस्यों के द्वारा सभी भामाशाहो का आभार व्यक्त किया।













