रिपोर्टर रामसिंह मीणा रघुनाथपुरा।
बड़ी सादड़ी कृषि विज्ञान केन्द्र, चित्तौड़गढ़ पर दिनांक 16 जुलाई, 2024 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् स्थापना दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्र के 35 कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में जनजाति कृषको को फलदार भी पौधे वितरित किये गये। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. रतन लाल सोलंकी ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद स्थापना दिवस की महत्वता एवं केन्द्र की गतिविधियो से कृषको को अवगत कराया साथ ही कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास और तैनाती पर आईसीएआर का ध्यान यह जोड़ना जारी रखेगा कि भारत शून्य भूख और खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य और पोषण के लिए एसडीजी 2030 के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. सोलंकी ने जल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती, बीज प्रौद्योगिकी और कृषि उपकरणों से संबंधित प्रौद्योगिकियों में हाल के विकास पर प्रकाश डाला। संजय कुमार धाकड़, कार्यक्रम सहायक ने किसानो को खरीफ फसलो की उन्नत उत्पादन तकनीकी एवं खरपतवार प्रबंधन के बारे में विस्तृत से बताया। कार्यकम में केन्द्र के घीसू लाल मीणा, राजू लाल गुर्जर, बनवारी लाल आदि उपस्थित थे। अंत में केन्द्र की संजय कुमार धाकड़, कार्यक्रम सहायक ने उपस्थित अतिथियों, कृषक एवं कृषक महिलाओ को धन्यवाद दिया।













